जय शनी देव
जय जय श्री शनिदेव भक्तन हितकारी !
सुरज के पुत्र प्रभू छाया महतारी !!
!! जय जय....... !!
श्याम अंक वक्र दृष्टी चतुर्भुजा धारी !
निलाम्बर धार नाथ गज की असवारी !!
!!जय जय...... !!
क्रीट मुकुट शीश सहज दिपत है लिलारी !
मुक्तन की माल गले शोभित बलिहारी !!
!! जय जय........ !!
मोदक मिष्ठान पान चढत हैं सुपारी !
लोहा तील तेल उडद महिषी अति प्यारी !!
!!जय जय........ !!
देव दनुज ऋषि मुनि सुरत नर नारी !
विश्वनाथ धरत ध्यान शरण हैं तुम्हारी !!
!!जय जय......... !!
SRV
जय जय श्री शनिदेव भक्तन हितकारी !
सुरज के पुत्र प्रभू छाया महतारी !!
!! जय जय....... !!
श्याम अंक वक्र दृष्टी चतुर्भुजा धारी !
निलाम्बर धार नाथ गज की असवारी !!
!!जय जय...... !!
क्रीट मुकुट शीश सहज दिपत है लिलारी !
मुक्तन की माल गले शोभित बलिहारी !!
!! जय जय........ !!
मोदक मिष्ठान पान चढत हैं सुपारी !
लोहा तील तेल उडद महिषी अति प्यारी !!
!!जय जय........ !!
देव दनुज ऋषि मुनि सुरत नर नारी !
विश्वनाथ धरत ध्यान शरण हैं तुम्हारी !!
!!जय जय......... !!
SRV
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